प्रेरणादायक कविता
एक जीत है तेरे आगे
आजकल की युवा पीढ़ी में ही नहीं, हर पीढ़ी के लोगो मे अधिकांशतः आत्मविश्वास की कमी होती है। जिससे वो अपनी काबिलियत के समान कार्य नहीं कर पाते हैं और उनको हार का सामना करना पड जाता है। ऐसे में अक्सर वो किस्मत को दोषी ठहरा देते हैं; परन्तु किस्मत हाथ पर हाथ धरे नहीं बदलती है ,उसके लिए कोशिश करने की जरूरत पड़ती है। आईये कुछ कविता की पंक्तियों से, अपने आत्मविश्वास को जगाने का प्रयत्न करते हैं।
एक जीत है तेरे आगे, ना कर सकने से कर सकने तक;
ना सुन तू किसी की, तू अपने मर्जी का मालिक है;
जो तेरा सपना है,उसे सच मे बदलने कि कोशिश कर।
ना सुन तू किसी की, तू अपने मर्जी का मालिक है;
जो तेरा सपना है,उसे सच मे बदलने कि कोशिश कर।
ये उम्मीद ना तोडना कभी, कि तू दुनिया बदल सकता है;
जो कर ना सका कोई ,वो तू ही कर सकता है।
जो कर ना सका कोई ,वो तू ही कर सकता है।
माना किस्मत का खेल है सारा ,
जो बनते को बिगाड़ और बिगड़े को बना देता है;
पर रख हौसला इतना कि
कभी किस्मत तुझे नहीं, तू किस्मत को नचायेगा।
जो बनते को बिगाड़ और बिगड़े को बना देता है;
पर रख हौसला इतना कि
कभी किस्मत तुझे नहीं, तू किस्मत को नचायेगा।
अपना आईना ढूढ़ता है तू सबमें,
एक कोशिश खुद के अंदर झांक के तो कर;
खुद का हौसला तू ही है बस,
दूसरे को बनाने की कोशिश न कर।
एक कोशिश खुद के अंदर झांक के तो कर;
खुद का हौसला तू ही है बस,
दूसरे को बनाने की कोशिश न कर।
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अपना कीमती वक़्त देकर इस पोस्ट को पढ़ने के धन्यवाद,आपको यह पोस्ट कैसी लगी जरूर बताईयेगा।
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Nice one sis
ReplyDeleteबहुत सुंदर
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteGood
ReplyDeleteVery nice Awseme superb
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