याद
आज यादो की खिड़की मै झांका तो कुछ ऐसे पल याद आए जिनको याद रखने के लिए मै सबकुछ भूलने को तैयार हूँ। अपना बहुमूल्य समय देकर मेरी इन पंक्तियों को पढ़ने के लिए धन्यवाद। ऐसे ही अन्य पोस्ट पढने के लिए हमारे साथ बने रहे। मेरी और भी पोस्ट पढ़े - आज मैं कैसे हार सकती हूं नन्हा पौधा भाषा पतंग वो संघर्ष करता रहा। मैं अपनी ही प्रेरणा हूँ , बंद मुट्ठी मे बैठ तराश रहा हूं मैं खुद को लाख पथ में काँटे हो तुझे चलना ही होगा कितना है समय कीमती एक जीत है तेरे आगे तूफान